प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering of Light)
प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering of Light) 1. टिंडल प्रभाव Ø पृथ्वी का वायुमंडल सूक्ष्म कणों का एक विषमांगी मिश्रण है। इन कणों में धुआँ , जल की सूक्ष्म बूँदें , धूल के निलंबित कण तथा वायु के अणु सम्मलित होते हैं। जब कोई प्रकाश किरण पुंज ऐसे महीन कणों से टकराता है तो उस किरण पुंज का मार्ग दिखाई देने लगता है। इन कणों से विसरित प्रकाश परावर्तित होकर हमारे पास तक पहुँचता है। कोलॉइडी कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन की परिघटना टिंडल प्रभाव उत्पन्न करती है , जब धुएँ से भरे किसी कमरे में किसी सूक्ष्म छिद्र से कोई पतला प्रकाश किरण पुंज प्रवेश करता है तो इस परिघटना को देखा जा सकता है। इस प्रकार , प्रकाश का प्रकीर्णन कणों को दृश्य बनाता है। जब किसी घने जंगल के वितान (Canopy) से सूर्य का प्रकाश गुजरता है तो टंडल प्रभाव को देखा जा सकता है। जंगल के कुहासे में जल की सूक्ष्म बूँदें प्रकाश का प्रकीर्णन कर देती हैं। प्रकीर्णित प्रकाश का वर्ण , प्रकीर्णन करने वाले कणों के साइज पर निर्भर करता है। अत्यंत सूक्ष्म कण मुख्य रूप से नीले प...