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Showing posts from September, 2021

नेटवर्क टोपोलॉजी ( Network Topology )

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नेटवर्क टोपोलॉजी  ( Network Topology )   नेटवर्क टोपोलॉजी नेटवर्क के विभिन्न नोड या टर्मिनल्स को आपस में जोड़ने का तरीका है । दूसरे शब्दों में, टोपोलॉजी नेटवर्क में कम्प्यूटरों को जोड़ने की भौगोलिक व्यवस्था होती है । इसके द्वारा विभिन्न कम्प्यूटर एक - दूसरे से परस्पर सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं।  नेटवर्क टोपोलॉजी के प्रकार ( Types of Network Topology ) 1. बस टोपोलॉजी ( Bus Topology ) - इस नेटवर्क में सभी नोड्स एक ही केबल में जुड़े रहते हैं । कोई भी नोड किसी दूसरे नोड को डेटा प्रदर्शित करना चाहता है तो उसे देखना होता है कि बस में कोई डेटा प्रवाहित तो नहीं हो रहा है । बस खाली रहने पर नोड डेटा प्रेषित कर सकता है । डेटा प्राप्त करने के लिए हर नोड के पास इतनी इंटेलिजेंस होनी चाहिए कि वह बस से अपने पता ( address ) ज्ञात कर डेटा प्राप्त कर सके । इसमें कम केबल की आवश्यकता होती है तथा कोई नया नोड जोड़ना आसान होता है । परन्तु प्रमुख ट्रांसमिशन लाइन में कठिनाई आने पर सारा नेटवर्क विफल हो जाता है।  लाभ ( Advantages )  A. इसमें नए नोड जोडना अथवा पुराने नोड हटाना बहुत आसान ह...

माइक्रो कम्प्यूटर ( Micro Computer ) एवं इसके प्रकार

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माइक्रो कम्प्यूटर ( Micro Computer )         माइक्रो कम्प्यूटर में प्रोसेसर के रूप में माइक्रो प्रोसेसर का उपयोग होता है । वर्ष 1970 में तकनीकी क्षेत्र में इण्टेल द्वारा माइक्रोप्रोसेसर ( Microprocessor ) का आविष्कार हुआ , जिसके प्रयोग से कम्प्यूटर प्रणाली काफी सस्ती हो गई । ये कम्प्यूटर इतने छोटे होते थे कि इन्हें डेस्क ( Desk ) पर सरलतापूर्वक रखा जा सकता था । इन्हें "कम्प्यूटर ऑन ए चिप"   भी कहा जाता है । आधुनिक युग में माइक्रो कम्प्यूटर फोन के आकार , पुस्तक के आकार तथा घड़ी के आकर तक में उपलब्ध है । इनकी क्षमता लगभग 1 लाख संक्रियाएँ प्रति सेकेण्ड होती हैं । इनका उपयोग - घर , ऑफिस , विद्यालय , व्यापार , उत्पादन , रक्षा , मनोरंजन , चिकित्सा आदि क्षेत्रों में किया जाता है ।   माइक्रो कम्प्यूटर्स कई प्रकार के होते है । जैसे-  ( a ) पर्सनल कम्प्यूटर ( Personal Computer - PC ) -   इसे डेस्कटॉप कम्प्यूटर ( Desktop Computer ) भी कहा जाता है । आजकल प्रयुक्त होने वाले पर्सनल कम्प्यूटर वास्तव में माइक्रो कम्प्यूटर ही हैं । इसमें की - बोर्ड , मॉनीटर...

धातुएँँ एवं अधातुएँँ ( Metals and Non - Metals)

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धातुएँ ( Metals ) ·        तत्व जो इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाने की प्रवृति रखते है , ये आवर्त सारणी का अधिकांश स्थान घेरते है । दायें कोनों को छोड़कर सभी तत्व ( s,p,d,f   ब्लाक के तत्व ) धातु है । पूर्व ऐतिहासिक काल में केवल 03 धातुएँ कापर ( Cu )   चाँदी ( Ag ) व सोना ( Au ) ही ज्ञात थी । लेकिन अब ज्ञात धातुओं की   संख्या बढ़ गई है । धातुओ के भौतिक गुण ( Physical Properties of Metals )  1. धातुएँ आघातबर्धन ( बिना टुटे हुए ) है , अर्थात धातुओ को हथौडे से पीट कर उसकी पतली चादरें बनाई जा सकती है । सोना ( Au ) व चादी ( Ag ) सर्वाधिक आघातवर्ध्य होता है ।  2. धातुएँ तन्य ( Ductile ) होती है , अर्थात् धातुओं को पतले तारों मे खींचा जा सकता है ।   3. धातुएँ ऊष्मा व विद्युत की सुचालक ( Good Conductor of Electricity ) है । चाँदी सर्वोत्तम संचालक जबकि सीसा निम्नतम संचालक होता है ।   4. धातुएँ चमकदार है , जिस पर पॉलिश की जा सकती है ।   5. धातुएँ सामान्यतः कठोर होती है ( सोडियम व पोटैशियम को छोड़कर जो मुलायम या मृदु )...

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार ( Types of Operating System )

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         ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार       ( Types of Operating System)   ( a ) मल्टी प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम ( Multi Programming operating System) -   ऐसे सिस्टम में ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा एक से अधिक प्रोग्राम या कार्य एक ही साथ कार्य करते हैं । उदाहरण के लिए , किसी एक प्रोग्राम के क्रियान्वयन के बाद जब उसका प्रिंट लिया जा रहा होता है तो प्रोसेसर खाली बैठने के स्थान पर दूसरे प्रोग्राम का क्रियान्वयन आरंभ कर देता है जिसमें प्रिंटर की आवश्यकता नहीं होती । इससे क्रियान्वयन में लगने वाला कुल समय कम हो जाता है तथा संसाधनों को बेहतर उपयोग भी सभव हो पाता है । मल्टीप्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम में प्रोसेसर कई प्रोग्रामों को एक साथ क्रियान्वित नहीं करता , बल्कि एक समय में एक ही निर्देश को संपादित करता है । एक निर्देश संपादित होने के बाद ही सेन मेमोरी में स्थित दूसरे कार्य के निर्देश को संपादित किया जाता है ।   (b) बैच प्रोसेसिंग आपेरिटंग सिस्टम ( Batch Processing Operating System ) -   इस सिस्टम में काम समूह में होता है । अर्थात...