ऊतक (Tissues)
ऊतक (Tissues) क्या है
ऊतक - कोशिकाएँ जो आकृति में एक समान होती है, किसी कार्य को एक साथ सम्पन्न करती
है, वे कोशिकाएँ समूह में एक ऊतक (Tissue) का निर्माण करती है।
अत: “कोशिकाओं का ऐसा समूह जिसमें कोशिकाएँ
उद्गम आकृति परिवर्द्वन व कार्य की दृष्टि से समान ही ऊतक
कहलाता है।”
Ø सभी जीवित प्राणी या पौधे कोशिकाओं से बने होते है। जीवों
में सभी मौलिक कार्य (Fundamental
Work) एक ही कोशिका द्वारा किये जाते हैं जैसा कि अमीबा एक
कोशिकीय जीव है। इसमें एक ही कोशिका द्वारा गति, भोजन लेने की क्रिया, श्वसन, उत्सर्जन
व कार्य सम्पन्न की जाती है।
Ø बहुकोशिकीय जीवों मे लाखों कोशिकाएँ होती है। इनमें से अधिकतर कोशिकाएँ कुछ ही कार्यों को सम्पन्न
करने में सक्षम होती है। सभी विशेष कार्य
कोशिकाओं के विभिन्न समूहो द्वारा किया जाता है। कोशिकाओं के ये समूह एक विशिष्ट
कार्य को ही अति दक्षता पूर्वक संपन्न करने के लिए सक्षम होते हैं।
Ø शरीर के अन्दर ऐसी कोशिकाएँ जो एक तरह के कार्य को सम्पन्न
करने में दक्ष होती है, सदैव एक सूह में होती है। शरीर के अन्दर एक निश्चित कार्य
एक निश्चित स्थान पर कोशिकाओं के एक विशिष्ट समूह द्वारा सम्पन्न किया जाता
है। कोशिकाओं का यह समूह ऊतक (Tissue) कहलाता है।
Ø जंतु और पौधों के ऊतको में स्पष्ट अन्तर होता है। पौधे
स्थिर होते है इसलिये उनमें अधिकांश ऊतक सहारा देने वाले होते है। पौधों को
संरचनात्मक शक्ति प्रदान करते है। जबकि जन्तु भोजन, साथी व आश्रय की खोज में
गतिशील, व पौधों की अपेक्षा अधिक ऊर्जा का उपयोग करता है। इसलिये इसी के अनुरूप जंतुओं
में ऊतक होते है।
Ø एक जीव के विभिन्न ऊतक शरीर में होने वाले विभिन्न
प्रक्रियाओं के संचालन के लिए एक दूसरे के साथ समन्वय में कार्य करते है।
Ø समान आकार व आकृति की कोशिकाओं का समूह, जिनका कार्य समान, व जिनकी उत्पत्ति भी समान होती है, ऊतक कहलाता है। पौधे अपने संपूर्ण जीवन में नए ऊतक उत्पन्न करने में समर्थ है। जंतु कुछ अवस्थाओं के अंतर्गत कुछ ऊतकों को बदल सकते है। हृदय की माँसपेशियाँ व तंत्रिका ऊतक के क्षतिग्रस्त हो जाने पर उनका पुन: निमार्ण सम्भव नहीं है।


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