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यकृत के कार्य (Funtion of Liver)

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  यकृत (Liver) *      यकृत उदरगुहा में दाहिने ओर डायफ्रॉम से लगा हुआ होता है। मनुष्‍य के शरीर की सबसे बड़ी पाचक ग्रन्थि यकृत है। इसमें पित्‍त रस का निर्माण होता है। जो पित्‍ताशय में संग्रहित हो जाता है। यकृत चॉकलेटी रंग का कोमल द्विपलित अंग होता है। *      एक वयस्‍क मनुष्‍य के यकृत का वजन 1.5-2 किलो ग्राम के लगभग होता है। पुरूषो में यकृत स्त्रियों की अपेक्षा भारी होता है। *      यकृत द्वारा स्‍त्रावित पित्‍त रस आँत में उपस्थित एन्‍जाइम्स की क्रिया को बढ़ा देता है।   यकृत के कार्य (Funtion of Liver) A.     पित्‍त का स्‍त्राव (Secretion of bile): पित्‍त हरे रंग का क्षारीय तरल (PH 8.6) होता है। जिसमें पित्‍त लवण पित्‍त रंग पाए जाते हैं जो वसा के पाचन में कार्य करते हैं। यकृत द्वारा प्रतिदिन लगभग 500-1000 मिली पित्‍त का स्‍त्राव होता है। B.     ग्‍लाइकाजिनेसिस (Glycogenesis):   जब रूधिर में ग्‍लूकोज की मात्रा आवश्‍यकता से अधिक हो जाती है। तब यकृत कोशिकाएँ अतिरिक्‍त ग्...

मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System)

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मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System) पाचन क्रिया की खोज:- Ø वास्‍तव में यह एक संयोग से हुआ था। सन्‍ 1822 में अमेरिका में लेक मिशीगन के पास एक गाँव में एक परिवार के सुबह एक कारखाने के मजदूर, एलेक्सिस सेंट मार्टिन के पेट में अचानक बंदूक चल जाने के कारण गोली लग गई। घाव गहरा था तथा अमाशय फट जाने के कारण भोजन बाहर निकल रहा था। Ø विलियम ब्‍यूमों नाम फौजी डॉक्‍टर ने उपचार करके उसे बचा तो लिया किंतु घाव भरते समय घाव के स्‍थान देहभित्‍ति और आमाशय के किनारे आपस में जुड़ गये। इस तरह सेंट मार्टिन के पेट पर एक स्‍थायी खिड़की बन गयी। इससे मार्टिन को खानें-पीनें में तो कोई दिक्‍कत नहीं थी, उसे हर समय घाव पर पट्टी बाँधनी पड़ती थी, जिससे खाना बाहर न खिसक जाये। Ø सेंट मार्टिन को कारखाने में नौकरी पर बहाल करने से मना कर दिया तब डॉक्‍टर व्‍यूमों ने दया करके उसे अपना घरेलू नौकर के तौर पर रख लिया। एक दिन नौकर अपनी चारपाई पर लेटा हुआ था कि डॉक्‍टर व्‍यूमों ने उसे आमाशय में माँस के गीले टुकड़े देखे। उसी समय व्‍यूमों को आहारनाल की पाचन क्रिया के अध्‍ययन का स्‍वर्ण अवसर मिला। Ø डॉ. व्‍यूम...

DNA और RNA

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  D.N.A . और R.N.A.   1.    डी आक्‍सीराइवोन्‍यूक्लिक अम्‍ल (DNA) :- Ø वाटसन व क्रिक (James D. Watson and Francis H.C. Crick) ने 1953 में विलकिन्‍स (Maurice H.F. Wilkins) द्वारा प्राप्‍त एक्‍स-रे वियर्तन के अध्‍ययन पर आधारित D.N.A. अणु की संरचना तथा प्रतिरूप प्रस्‍तुत किया। इसके लिए 1962 में इन तीनों वैज्ञानिकों को नाबेल पुरस्‍कार प्रदान किया गया। Ø D.N.A. अणु दो लम्‍बे सूखें या श्रृंखलाओं का बना होता है जो परस्‍पर एक अंक्ष के चारो तरु विपरीत दिशा में घुमावदार सीढ़ी के समान कुंडलित होते है। Ø प्रत्‍येक सूत्र डी-आक्‍सीरिबोज (De-oxyribose) नामक पेन्‍डोज शर्करा (S) तथा फॉस्‍फोरिक अम्‍ल (P) के अणुओं से बने होते है। इन दोनों सूत्रों को जोड़ने वाले इण्‍डे प्‍यूरीन (Purine) व पिरिमिडीन (Pyrimidine) केस के अणुओं से बने होते हैं। ये जोड़े में रहते है जैसे एडिनीन (A) का सम्‍बन्‍ध थाइमीन (T) और गुआनीन (G) का सम्‍बन्‍ध साइटोसीन (C) के साथ होता है। ये वेग हाइड्रोजन बन्‍धों द्वारा परस्‍पर जुड़े होते हैं। Ø DNA   का सबसे महत्‍वपूर्ण का...